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Saturday, 1 May 2021

भूले बिसरे उत्पाद



कहते है वक्त किसी के लिए नही रूकता कभी जीरो से शुरूआत करके टॉप पर पंहुचने वाली कंपनियां कल को अचानक से गायब हो जाती है।

आज के इस पोस्ट में हम कुछ ऐसी कंपनियों के बारे में बात करेंगे जो किसी जमाने में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध थे, परंतु आज उनका नामो निशान तक नहीं है। उनका अस्तित्व लगभग लगभग या तो खत्म हो चुका है अथवा उनका दिवालिया निकल गया है। इनमें से कई कंपनियों के बारे में आपने सुना भी होगा और हो सकता है आप इन कंपनियों के कई प्रोडक्ट को इस्तेमाल भी कर चुके होंगे। यह कंपनियां इतनी बड़ी थी कि इनका खत्म होना बिल्कुल नामुमकिन था। लेकिन समय के साथ यदि हम खुद को अपडेट न करें तो यह हमारे लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।

अमृत एग्रो : यह कंपनी भारत में अंकल चिप्स नाम से चिप्स निकालती थी जो साल २००० तक भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला चिप्स ब्रांड था (७०% मार्किट शेयर)। पेप्सी ने लेस चिप्स को फैलाने के लिए अमित एग्रो को खरीद कर बंद कर दिया लेकिन अंकल चिप्स ब्रांड को ज़िंदा रखा।

बोले मेरे लिप्स, आई लव अंकल चिप्स 😁😁





ई बे इंडिया : फ्लिपकार्ट और अमेज़न के आने से पहले भारत में ईबे का काफी व्यापार था। 2017 में फ्लिपकार्ट ने ईबे को 1000 करोड़ रुपये में खरीदकर बंद कर दिया।







हिंदुस्तान मोटर्स : 70 और 80 के दशक में भारत की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी। एम्बेसडर और कॉन्टेसा इस कंपनी के सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियां थी।




ब्लैकबेरी : एक समय की बात है कि ब्लैकबेरी को एप्पल से कम नहीं माना जाता था। कई लोगों को तो एप्पल से ज्यादा ब्लैकबेरी पर भरोसा था। उस समय ब्लैकबेरी का स्मार्टफोन भी प्रयोग करना एप्पल से कम नहीं माना जाता था। परंतु एक समय ऐसा आया कि आज ब्लैकबेरी का नामोनिशान तक नहीं है।



किंगफ़िशर एयरलाइन्स : किंगफिशर एयरलाइंस अपने सस्ते फ्लाइट टिकट्स की वजह से जानी जाती थी। परंतु आज यह कंपनी पूरी तरह से डूब गई है।




कोडक : दुनिया की सबसे बड़ी कैमरा बेचने वाली कंपनी का आज के समय दिवालिया निकल चुका है।





लोहिया मोटर वर्क्स (LML) : LML वेस्पा, LML फ्रीडम बाइक आपको याद होगा। ९० के दशक में पीएज़िओ कंपनी के साथ मिलकर LML piaggio स्कूटर भी निकालती थी। लेकिन अब यह कंपनी बंद हो चुकी है।




गम इंडिया लिमिटेड : बिग फन च्वेइंग गम याद है? हर च्विंग गम के साथ एक क्रिकेटर का स्पोर्ट्स कार्ड मुफ्त मिलता था।

BPL : जानी मानी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी का आज के समय में दिवालिया निकल चुका है।


फ़िएट प्रीमियर : फ़िएट कंपनी और प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स की जॉइंट वेंचर भारत में प्रीमियर पद्मिनी नाम से गाडी बनाती थी जो आज भी काली पीली टैक्सी के रूप में देखने को मिलती है।



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